Flash News

 

 
मदद हेतु संपर्क करें
 
नियंत्रण कक्ष
100
महिलाओं के लिये
1090 & 0755-2570017
फायर ब्रिगेड
101
एम्बुलेंस
108
वरिष्ठ नागरिक के लिये
0755-4078567 & 1800-233-1253
ट्रैफ़िक के लिये
(0755)2443850
रेलवे के लिये
139 & 1800-1110139
बच्चों के लिये
1098 & 0755-2751814
परिवार परामर्श केन्द्र
भोपाल -(0755)2660252 
शिकायत
 
You Can Make A New Complaint From Here... You Can Make Complaint Against Police From Here... You Can Make Complaint Against Police From Here...
 
अस्वीकरण
" इस साईट पर शिकायत दर्ज करने की सुविधा पूर्णत: आमजन की सुविधा के लिए है | वेबसाइट पर दर्ज शिकायत प्रथम सूचना प्रितिवेदन नहीं है | दर्ज शिकायतों पर त्वरित एवं सटीक कार्यवाही करने हेतु समस्त प्रयास किये जावेगे | फिर भी इस सुविधा के आधार पर किसी भी परिणाम कानूनी एवं अन्य के लिये मध्य प्रदेश पुलिस एवं राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होगे | "
 

मिथ्या सूचना देने पर पुलिस द्वारा की जाने वाली कार्यवाही

 

   भा.द.वि. धारा 182 - जो कोई किसी लोक सेवक को कोई ऐसी इत्तिला, जिसके मिथ्या होने का उसे ज्ञान या विश्वास है, इस आशय से देगा कि वह उस लोक सेवक को प्रेरित करें या यह सम्भाव्य जानते हुए देगा कि वह उसको एतद ‌द्वारा प्रेरित करेगा कि वह लोक सेवक ऐसे लोक सेवक की विधि पूर्ण शक्ति का उपयोग करे जिस उपयोग से किसी व्यक्ति की क्षति या लोभ हो, वह दोनो में से, किसी भॉंति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो एक हजार रूपये तक हो सकेगा, या दोनों से दण्डित किया जायेगा ।

   भा.द.वि. धारा 211-जो कोई किसी व्यक्ति को यह जानते हुए कि उस व्यक्ति के विरूद्ध ऐसी कार्यवाही या आरोप के लिए कोई न्यायसंगत या विधिपूर्ण आधार नहीं है क्षति कारित करने के आशय से उस व्यक्ति के विरूद्ध को दाण्डिक कार्यवाही संस्थित करेगा या करवाएगा या उस व्यक्ति पर मिथ्या आरोप लगाएगा कि उसने अपराध किया है वह दोनों में से किसी भॉंति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जायेगा । तथा यदि ऐसी दाण्डिक कार्यवाही मृत्यु, (आजीवन कारावास) या सात वर्ष या उससे अधिक के कारावास से दण्डनीय अपराध के मिथ्या आरोप पर संस्थित की जाए, तो वह दोनों में से किसी भॉंति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जायेगा, और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।

 10666 : (+91)-100, 2555922