इंदौर पुलिस का जागरूकता अभियान, ब्लैक/यलों फंगस बारे में वेबिनार का आयोजन में बताएं इनसे बचने के उपाय

इंदौर पुलिस का जागरूकता अभियान, ब्लैक/यलों फंगस बारे में वेबिनार का आयोजन में बताएं इनसे बचने के उपाय

June 09, 2021

इन्दौर दिनांक 08 जून 2021 - इन्दौर पुलिस द्वारा कोरोना महामारी के बाद होनें वाली समस्याओं ब्लैक/यलों फंगस के प्रति लोगों मे जागरूकता लानें के उद्देश्य से ‘‘FUNGS- Fear, Facts & Faith" विषय पर विशेषज्ञ डाक्टर्स से चर्चा के लिए वेबिनार का आयोजन पुलिस उप महानिरीक्षक इन्दौर शहर श्री मनीष कपूरिया की विशेष उपस्थिति में किया गया। वेबिनार में डा गुनवंत यशलाहा ईएनटी स्पेशलिस्ट एवं श्री डा अदित्य अग्रवाल आई स्पेशलिस्ट, पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद तिवारी, अ.पु.अ. मुख्यालय श्रीमती मनीषा पाठक सोनी, कार्यक्रम की सहसंयोजक श्रीमती रचना जौहरी एक्जीक्युटिव प्रोड्यूसर वाक प्रोडक्शन, अन्य पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों व उनके परिजन सहित आम नागरिकों द्वारा भी इसमें भाग लिया गया।इस दौरान कार्यक्रम का संचालन करतें हुए कार्यक्रम की संयोजक श्रीमति मनीषा पाठक सोनी व श्रीमती रचना जौहरी द्वारा विशेषज्ञ डाक्टर्स से सभी का परिचय करवाते हुए वेबिनार मे पोस्ट कोविड समस्याओं एवं ब्लैक/यलों फंगस के प्रति लोगों मे जागरूकता लानें के उद्देश्य से संबंधित विषय पर चर्चा के लिये सभी को आमंत्रित किया गया। वेबिनार के मुख्य अतिथि डीआईजी इंदौर श्री मनीष कपूरिया जी द्वारा दोनों अतिथि विशेषज्ञ डाक्टर्स का स्वागत करते हुए, उन्हें पुलिस विभाग के लिये अपना अमूल्य समय निकालने व वर्तमान समय में इस बीमारी के प्रति जो लोगों में डर व जानकारी का अभाव है उसे दूर करने के लिये, अतिथि डाक्टर्स का धन्यवाद दिया गया। अतिथि विशेषज्ञ डा. आदित्य अग्रवाल ने वेबिनार में चर्चा करते हुए सर्वप्रथम पुलिस सहित सभी फ्रंटलाईन वर्कर द्वारा विगत वर्ष से पूरे कोरोना काल में किये गये कार्यो की सराहना करते हुए कहा कि, इस बीमारी से संक्रमितों से व उनके क्षेत्रों से सबसे पहले सामना इन फ्रंटलाईन वारियर्स का ही होता है, यह हम डाक्टर्स के पास तो बाद में पहुंचते है। श्री अग्रवाल द्वारा ब्लैक/व्हाईट फंगस व कोरोना के बाद होने वाली शारीरिक समस्याओं के बारें में बताते हुए बताया कि, ब्लैक फंगस बीमारी उन्हीं को होने की ज्यादा संभावना है जो किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित रहे हो या वर्तमान में कोरोना हुआ हो व उन्हें ज्यादा मात्रा में स्टेरायड दिया गया हो या जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो गयी हो उन्हें ही इस बीमारी होने की संभावना होती है। वहीं डा. गुणवंत यशलहा ने इस बीमारी के तकनीकी पक्ष समझाते हुए, इन्हें शुरूआती समय में ही पहचानने व आवश्यक जांचो आदि के बारें में विस्तृत रूप से बताया गया। डाक्टर्स ने कहा कि बीमारियों से बचाव ही उसका सबसे बड़ा ईलाज है। पुलिस अधीक्षक अरविन्द तिवारी द्वारा आभार व्यक्त किया गया।

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