बेहतर डीएनए एवं बॉयोलॉजी परीक्षण रिपोर्ट तैयार करने पर हुआ विचार मंथन

September 09, 2019

भोपाल। डीएनए जांच रिपोर्ट को तकनीकी एवं वैज्ञानिक भाषा के साथ-साथ आम आदमी को समझ में आने वाली भाषा में भी तैयार करें, जिससे विवेचना अधिकारी एवं अभियोजन अधिकारी उसे ठीक से समझ कर अदालत में मजबूती के साथ पैरवी कर सकें। यह बात अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक महिला अपराध शाखा श्री अन्‍वेष मंगलम ने डीएनए एवं बॉयोलॉजीकल परीक्षण को लेकर आयोजित हुई बैठक में डीएनए एवं एफएसएल (फॉरेन्सिक साईंस लेबोरेटरी) के वरिष्‍ठ वैज्ञानिक अधिकारियों से कही। बैठक में अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक तकनीकी सेवाएं श्री जी.अखेतो सेमा भी मौजूद थे।

     सोमवार को यहां पुलिस मुख्‍यालय में आयोजित हुई बैठक में बच्‍चों एवं महिलाओं के विरूद्ध अपराधों में विवेचना की गुणवत्‍ता एवं गति बढ़ाने के लिए डीएनए एवं एफएसएल जांच रिपोर्ट तैयार करने पर गहन विचार मंथन किया गया। अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक महिला अपराध श्री मंगलम ने कहा फॉरेंसिक रिपोर्ट सबसे मजबूत साक्ष्‍य होता है। इसलिए जांच रिपोर्ट इस प्रकार तैयार करें, जिससे सभी जरूरी तथ्‍य स्‍पष्‍ट जाहिर हो रहे हों। उन्‍होंने स्‍टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर बनाने और उसी के अनुसार नमूने लेने और उन्‍हें जांच के लिए भेजने से संबंधित फॉर्मेट तैयार करने को भी कहा। उन्‍होंने कहा संपूर्ण व्‍यवस्‍था व्‍यक्ति आधारित न होकर सिस्‍टम आधारित होना चाहिए, जिससे व्‍यक्ति विशेष की गैर मौजूदगी में भी प्रक्रिया की गति एवं गुणवत्‍ता प्रभावी बनी रहे।

श्री मंगलम ने कहा कि वर्तमान में थाने से सैम्‍पल निर्धारित प्रोफार्मा में तैयार किए जाकर एक ही बार में सीधे डीएनए लैब में पहुंचाएं जाते हैं। अलग-अलग परीक्षण के लिए अलग-अलग लैब में भेजने की इस व्‍यवस्‍था से विलंब होता है। साथ ही सैम्‍पल की गुणवत्‍ता पर भी असर पड़ता है। इस प्रक्रिया में सुधार किया जाना चाहिए।

     बैठक में तय किया गया कि डीएनए व अन्‍य बॉयोलॉजीकल साक्ष्‍य जुटाने के संबंध में एफएसएल के सहयोग से हर जिले में विवेचना अधिकारी, चिकित्‍सक एवं अभियोजन अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक श्री अखेतो सेमा ने कहा पुलिस मुख्‍यालय की तकनीकी शाखा द्वारा इसके लिए हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी। एफएसएल के अधिकारियों से कहा गया कि डीएनए एवं बॉयोलॉजी जांच पूरी होते ही उसकी सूचना ई-मेल व एसएमएस अलर्ट के जरिए संबंधित पुलिस अधीक्षकों को जरूर दी जाए, जिससे रिपोर्ट समय से न्‍यायालय में प्रस्‍तुत की जा सके। सैम्‍पल की चेन ऑफ कस्‍टडी की निरंतर निगरानी व फॉलोअप पर भी बैठक में विशेष बल दिया गया।

     इस अवसर पर विषय विशेषज्ञों ने प्रेजेंटेशन के जरिए डीएनए साक्ष्‍य जुटाने की बारीकियाँ विस्‍तारपूवर्क बताईं। बैठक में निदेशक फॉरेंसिक साईंस डॉ.हर्ष शर्मा, डीएनए विशेषज्ञ श्री अनिल कुमार सिंह व हीरक रंजन दास तथा डीएनए एफएसएल सागर के वरिष्‍ठ अधिकारी एवं प्रदेश की विभिन्‍न क्षेत्रीय एफएसएल यूनिट के वरिष्‍ठ वैज्ञानिक अधिकारी मौजूद थे।

 

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