मध्य प्रदेश पुलिस की पहल

महिला हेल्पलाईन

दिनांक 08.03.2010 को माननीय मुख्यमंत्री द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में मध्यप्रदेष की राजधानी भोपाल में महिलाओं पर घटित होने वाले अपराध विषेष रूप से छेडखानी, अष्लील, एसएमएस व फोन की रोकथाम के लिये थाना हबीबगंज में महिला हेल्प लार्इन 1091 की स्थापना की गर्इ थी।


महिला हेल्पलाईन का उददेश्य-

महिला हेल्प लार्इन का मुख्य उददेष्य यह है, कि जो महिलाये थाने नहीं आना चाहती है वह अपनी समस्या को घर बैठे फोन के माध्यम से ही अपनी पहचान बिना बताये अपनी रिपोर्ट महिला हेल्प लार्इन में दर्ज करा सकती है। महिला हेल्प लार्इन द्वारा महिलाओं की समस्याओं को टेलीफोन पर व्यकितगत रूप से सुन कर उनकी समस्याओं जैसे अश्लील फोन, अश्लील एसएमएस, पीछा करना, अश्लील ताने देना आदि का त्वरित निकाल करते हुए महिलाओं के आत्मसम्मान की रक्षा करते हुए महिलाओं को उनकी समस्या से निजात दिलार्इ गर्इ। महिलाओं की व्यकितगत समस्याओं को महिला हेल्प लार्इन के द्वारा टेलीफोन, आवेदन पत्र एवं स्वयं महिला द्वारा उपस्थित होने पर उनकी समस्याओं को सुना जाता है, एवं महिलाओं के द्वारा वैधानिक कार्यवाही चाहने पर संबंधित क्षेत्राधिकार वाले थाने को तत्काल सूचित किया जाता है एवं वैधानिक कार्यवाही करार्इ जाती है। महिला हेल्प लार्इन में हर रिपोर्ट गोपनीय रखी जाती है।

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It's special cell for quick action against complaints related to abuse phone calls. Anybody who is receiving undesired calls / SMS on her mobile can complaint directly.

Mahila Desk

It's special cell for quick action against complaints related to abuse phone calls. Anybody who is receiving undesired calls / SMS on her mobile can complaint directly.

Mahila Thana

A Police Station dedicated for women complainants. Only lady officers are appointed to make it convenient for women to lodge a complaint. This is useful especially in cases of dowry or cases where complaint is being lodge against family members.

MAHILA  POLICE  STATIONS:-

1.    Bhopal                           2.    Indore                                     3.    Ujjain                      4.    Gwalior

5.    Jabalpur                       6.    Sagar                                       7.    Ratlam                    8.    Reewa

9.    Satna

 URJA Desk

 'URJA to provide justice to victim women'

Director-General of Police (DGP) Rsihi Shukla said that the objective behind introducing Urgent Relief and Just Action (URJA) desk is to provide justice to victim women by taking prompt action.

The DGP was addressing a programme organized in the Jehangirabad police station premises, after inaugurating the Urja Helpdesk on Friday.

URJA desk would be supported and provided guidance by Abdul latif Jameel Poverty Action lab (J-PAl) Massachusetts Institute of Technology.

He further said that the purpose of establishing an energy desk is to help according to the expectations of the victim women at the police stations and police department will provide support in establishing URJA desk by providing resources and officers and hope that work with energy by police would far reaching results and have positive impact.

In the first year the data from 180 police stations in 12 districts of URJA desk would be collected which would help in making policies to curb crimes against women and save women victims.

Addl DG Mukesh Jain said that J-PAl is a global research institute where 161 professors are doing research in areas like Agriculture, Swaraj, Education and Governance.

J-moment is doing research work in many countries of the world including Europe, Asia, Afric Oxford University Professor Akshay Mangla said that through the medium of URJA women will get help regarding problems and crimes against women and about 50 percent of the population which comprises of women will get develop a sense of security. In the two-day training programme DSP and SHO of 12 districts were trained at PTRI.

On this occasion, Special DG KN Tiwari, ADG  Anuradha Shankar,  Aruna Mohanrao, Pragya Richa Shrivastav, Adarsh Kataria, Anvicha Mangalam, Pawan Jain, SW Naqvi, Vipin Maheshwari, DC Sagar, other senior Police Officers, SP of 12 districts and  Prof Gabriel Crook, Bhopal IG Jaideep Prasad and DIG Dharmendra Choudhary were present.

ऊर्जा डेस्क

 भोपाल : अब पुलिस थानों में पीडि़त महिलाओं को तत्काल मदद मुहैया कराई जाएगी। साथ ही उनकी शिकायत पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के 180 थानों में ऊर्जा (अरजेन्ट रिलीफ एण्ड जस्ट एक्शन) डेस्क स्थापित किए गए हैं। ऊर्जा डेस्क में महिला पुलिस अधिकारी कार्य करेंगी। राजधानी भोपाल में पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला ने जहांगीराबाद में ऊर्जा डेस्क का शुभारंभ किया। ऊर्जा डेस्क के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर उन्होंने कहा कि ऊर्जा डेस्क का मकसद पीडि़त महिलाओं को त्वरित कार्यवाही के माध्यम से त्वरित न्याय दिलाना है।

ऊर्जा डेस्क अब्दुल लतीफ जमील पॉवर्टी एक्शन लेब (जे-पल), मेसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी के मार्गदर्शन में कार्य करेगी। पुलिस महानिदेशक ने बताया कि ऊर्जा डेस्क विदिशा, रतलाम, इंदौर, भोपाल, बैतूल, सिवनी, बालाघाट, रीवा, जबलपुर, पन्ना, मुरैना एवं ग्वालियर सहित 12 जिलों के 180 थानों में आई पीडि़त महिलाओं

की शिकायतें एवं समस्याएं सुनने के लिए पृथक रूप से हेल्प डेस्क स्थापित करना। उन्होंने कहा कि ऊर्जा डेस्क स्थापित करने के लिए पुलिस विभाग संसाधनों एवं अधिकारियों सहित अन्य सहायता प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि मुझे आशा है कि ऊर्जा डेस्क सब्र के साथ इस तरह कार्य करेगा कि भविष्य में दीर्घकालिक सकारात्मक परिणाम मिलें। उन्होंने उपस्थित प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि ज्यादा से ज्यादा जनभागीदारी के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों, एनजीओ एवं समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से इस दिशा में कारगर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि पुलिस से जनता की अपेक्षाएं बहुत ज्यादा हैं, जिस पर खरा उतरना है। उन्होंने आशा जताई कि ऊर्जा डेस्क से जुड़कर पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी और अधिक ऊर्जा एवं जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे, जिसमें पुलिस मुख्यालय का पूरा सहयोग मिलेगा।